
मधुमेह की शुरुआत जिन लोगो में हो रही है यदि वे पर्याप्त नींद लेना शुरू कर दे तो उनमे मधुमेह होने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है एक नये अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर आप भरपूर नींद लेते हैं तो आप में टाइप ..2 मधुमेह होने का जोखिम काफी कम हो जाता है।लास ऐंजिलिस बायोमेडिकल रिसर्च इस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि सप्ताहांत में तीन रात की अच्छी नींद काफी हद तक इंसुलिन की सक्रियता बढा देती जिसके न बनने अथवा शरीर पर उसकी प्रतिक्रिया नहीं होने से यह बीमारी होती ।
प्रमुख अनुसंधानकर्ता डा. पीटर लिउ के मुताबिक पर्याप्त नींद जरूरी है लेकिन अधिक काम की वजह से समय नहीं निकाल पाते । हमारे अध्ययन में पाया गया कि नींद के घंटे बढा देने से शरीर के इंसुलिन का इस्तेमाल करने की क्षमता बढती है और प्रौढ व्यक्तियों में टाइप..2 मधुमेह का जोखिम कम हो जाता है ।’’
इंसुलिन किसी व्यक्ति के रक्त में शर्करा के स्तर को नियमित करने के लिये जिम्मेदार है । टाइप..2 मधुमेह के मरीज का शरीर उससे निकलने वाले इंसुलिन का कारगर ढंग से इस्तेमाल नहीं करता अथवा इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया नहीं करता ।
लिउ ने कहा की ये एक अच्छी खबर है कि प्रौढ व्यक्ति जो अधिक काम की वजह से पर्याप्त नहीं सो पाते हैं पर वे अगर सोने के घंटे बढा दें तो यह जोखिम कम हो सकता है । ’